जहा प्रतिभा को केवल एक मौके की तलाश है.जी हाँ सोनभद्र के चोपन ब्लाक के एक गावं अमरसोता की कहानी कुछ यही है ,,इस गावं में जाने का कोई भी रास्ता नहीं है ,इस गावं में न तो स्कूल है न ही हॉस्पिटल ,न तो बिजली है न ही हैंडपंप |इस गावं में जाने के लिए पहला रास्ता ये है की आप ओबरा से ७ km दूर "रेनू" नदी जो ओबरा गावं के पास है जाना होंगा और वहा से अगर कोई अमरसोता गावं जा रहा होंगा तो नाव से ३० km बाद अमरसोता गावं में पहुंचगे| और दूसरा रास्ता -सोनभद्र में रेनुकूट जाने वाले रास्ते पर हथिनाला से १ km पहले ही बेल्हथी गावं जाने की रस्ते से अमरसोता के लिए मुड़ना होगा ये दुरी 18 km है ये कोई रोड नहीं है,सिर्फ डगर है कही कही रोड बनी है बाकि का रास्ता कच्चा है फिर अमी गावं पहुंचेगे जो "रेनू" नदी के किनारे है फिर नाव से नदी पार कर आप अमरसोता में पहुच गए| गावं में पिने की पानी गंभीर समस्या है ,गावं के लोग नदी के किनारे ही एक chota sa gadhdha khoda है jisme से वो पानी late है लकिन वो पानी पिने योग्य नहीं है |गावं से नदी पर कर ८ कम के बाद एक sarkari स्कूल है जो क्लास ८ तक है कुछ लड़के वहा पढने जाते है लकिन नदी पर करना हमेशा आसान नहीं होता है नदी में कभी भी तूफान का खतरा रहता है और बरसात में तो और भी खतरनाक होता है ,फिर भी बच्चे हिम्मत कर के स्कूल जाते है ,,लकिन लडकिया नहीं जा पाती है सब मिला के मई यही कहूँगी की अमरसोता गावं का शिछा का प्रतिशत ० % है, वहा जाने के बाद ये मह्सुश होता है की जब मानव सामाजिक हो रहा था तो वो इसी तरह से होगा ,लकिन अभी पूरी तरह से बिकसित नहीं है ये आदिमानव जैसे है ,,लकिन प्रकृति के बहुत पास |
samaj ko aapse badi ummide hain.
ReplyDeleteasha hi nahi varan vishwas bhi hai ki gunjan aap parivartan la sakti hain
salutations to you for such a wondeful work u dared to undertake!
ReplyDeletethanks mr,Anonymous,
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